सावधान! उत्तराखंड में कोरोना के ओमिक्रोन की एंट्री? डेल्टा और डेल्टा प्लस वैरियंट की पुष्टि

क्या उत्तराखंड में ओमिक्रोन (Uttarakhand Coronavirus Omicron) ने दे दी है दस्तक? सैंपलों में मिला डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट, हो जाइए सावधान
Advertisement Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination

Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.

Example Ads Media
Uttarakhand Coronavirus Omicron: Fear of Omicron variant of coronavirus in Uttarakhand
Image: Fear of Omicron variant of coronavirus in Uttarakhand

देहरादून: भारत में कोरोना के तेजी से फैलने वाले कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक देने के बाद से यहां उथल-पुथल मच गई है। भारत के अलावा ही यह वैरिएंट दिल्ली राजस्थान, दिल्ली और कर्नाटका में भी पाया जा चुका है। उत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Coronavirus Omicron) ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सख्ती से चेकिंग की जा रही है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की चेकिंग हो रही है। इंटरनेशनल फ्लाइट्स से आने वाले लोगों को भी नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य है। हालांकि उत्तराखंड में अब तक यह जानलेवा और खतरनाक वैरीएंट नहीं पहुंचा है मगर उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ चुकी हैं। बीते कुछ दिनों से केसों में तेज उछाल आया है। इसी बीच दून मेडिकल कॉलेज में जीनोम सिक्वेंसिंग के दूसरे बैच की भी रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। इसमें नये वेरिएंट की पुष्टि तो नहीं हुई मगर चिंता की बात है कि सभी सैंपलों में डेल्टा और डेल्टा प्लस वेरिएंट मिला है। डेल्टा वैरिएंट की वजह से ही दूसरी लहर में कोहराम मचा था। डेल्टा प्लस वैरिएंट उससे भी अधिक खतरनाक है। दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि वॉयरोलॉजी लैब में जीनोम सिक्वेंसिंग की गई थी। पहले बैच में 18 सैंपलों की रिपोर्ट के बाद अब दूसरे बैच के 80 सैंपलों की रिपोर्ट आ गई है। बता दें कि दूसरे बैच में नैनीताल के 35, हरिद्वार के एक, टिहरी के दो, अल्मोड़ा के पांच और देहरादून के 37 सैंपल थे। सभी के अंदर डेल्टा और डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हुई है। इसमें कोरोना का कोई नया वेरिएंट नहीं मिला, पर अभी भी सजग रहने की जरूरत है।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड में कोरोना के ओमिक्रोन वैरियंट को लेकर अलर्ट, WHO ने दी है बड़ी चेतावनी
दून मेडिकल कॉलेज की वीआरडीएल लैब के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. शेखर पाल और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनील दहिया ने बताया कि जीनोम सिक्वेंसिंग की एक प्रक्रिया में चार दिन लगते हैं। यह किसी वायरस के प्रोफाइल को जानने जैसा होता है। कोई वायरस कैसा है, किस तरह का दिखता है, इसकी जानकारी जीनोम से ही मिलती है। बात करें उत्तराखंड में कोरोना के वर्तमान स्टेटस की तो उत्तराखंड में अब 174 सक्रिय मरीज मौजूद हैं। सबसे अधिक सक्रिय मरीज नैनीताल में हैं। अल्मोड़ा में आठ, बागेश्वर में 2, चमोली में 2, चंपावत में 8, देहरादून में 42, हरिद्वार में 24, नैनीताल में 61, पिथौरागढ़ में 2, पौड़ी में 21, रुद्रप्रयाग में 2, यूएसनगर में 1 और उत्तरकाशी में 1 एक्टिव मरीज है। उत्तराखंड में गुरुवार को कोरोना के नौ नए मरीज मिले। 26 मरीजों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया, जिससे एक्टिव मरीजों की संख्या 174 रह गई। 15 हजार सैंपलों की रिपोर्ट आई। (Uttarakhand Coronavirus Omicron) गुरुवार को देहरादून में 5, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और उत्तरकाशी में एक-एक मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई।