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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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चम्पावत: चंपावत के राधे हरि राजकीय इंटर कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल पीएन त्रिपाठी के परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। टनकपुर के जीआईसी में तैनात प्रिंसिपल पांडेश्वर नाथ त्रिपाठी की पिछले साल अगस्त में कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई थी। अब उनकी पत्नी को लेकर बुरी खबर आई है। पीएन त्रिपाठी की मौत के सवा साल बाद घर से लौटते वक्त उनकी पत्नी सड़क हादसे का शिकार हो गईं। रायबरेली में हुई दुर्घटना में पूर्व प्रधानाचार्य की पत्नी चल बसीं, जबकि उनके छोटे बेटे की हालत भी गंभीर बनी हुई है। उसका प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बीते साल से पांडेश्वर नाथ त्रिपाठी का परिवार बेहद बुरे दौर से गुजर रहा है। पिछले साल अगस्त में कोरोना संक्रमण के चलते जिन लोगों ने जान गंवाई, उनमें जीआईसी में तैनात प्रिंसिपल पांडेश्वर नाथ त्रिपाठी भी शामिल थे।
वो काफी समय तक सुशीला तिवारी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते रहे। उनके निधन के एक साल बाद उनके बड़े बेटे शितांशु त्रिपाठी को मृतक आश्रित कोटे के तहत जॉब मिली। वह वर्तमान में बीईओ पाटी कार्यालय में तैनात हैं। शितांशु ने बताया कि उनकी माता अर्चना त्रिपाठी और छोटा भाई उत्कर्ष त्रिपाठी प्रयागराज स्थित घर से खटीमा आ रहे थे। रविवार सुबह रायबरेली में कार का टायर खुलने से कार अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकरा गई। जिसमें अर्चना त्रिपाठी और उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान अर्चना त्रिपाठी की मौत हो गई। उत्कर्ष की हालत भी गंभीर है। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पिता के बाद अब माता के निधन से दोनों बेटों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शिक्षकों ने अर्चना त्रिपाठी के निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी पुरोहित ने भी घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है।