उच्च हिमालयी क्षेत्र में मिलने वाली चिड़िया चाइनीज रूबी थ्रोट इन दिनों कालागढ़ टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट वन प्रभाग के जंगल में नजर आ रही है।
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कोमल नेगी
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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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Image: Chinese Ruby Throat Bird spotted in Kotdwar
कोटद्वार: शीत ऋतु की शुरुआत होते ही प्रवासी पक्षी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से उड़ कर उत्तराखंड पहुंचने लगे हैं।
Chinese Ruby Throat Bird spotted in Kotdwar
जो लोग पक्षियों से प्रेम करते हैं और इन्हें निहारने का आनंद लेना चाहते हैं, उनके लिए प्रदेश का कोटद्वार क्षेत्र एकदम सही जगह है। बर्ड वॉचिंग के क्षेत्र में अलग पहचान बना रहे कोटद्वार में हाल में दुर्लभ प्रजाति के पक्षी चाइनीज रूबी थ्रोट को देखा गया। उच्च हिमालयी क्षेत्र में मिलने वाली ये चिड़िया इन दिनों कालागढ़ टाइगर रिजर्व फारेस्ट वन प्रभाग के जंगल में नजर आ रही है। कोटद्वार क्षेत्र में चाइनीज रूबी थ्रोट को देखे जाने की ये पहली घटना है। पक्षी प्रेमी राजीव बिष्ट बताते हैं कि क्षेत्र में चाइनीज रूबी थ्रोट का दिखना बर्ड लवर्स के लिए बेहद अहम घटना है, हो सकता है कि मौसम में आ रहे बदलाव के चलते इस पक्षी ने अपना बसेरा बदला हो। जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, क्षेत्र में अप्रवासी पक्षियों की आमद भी बढ़ती जाएगी।
चाइनीज रूबी थ्रोट उच्च हिमालयी क्षेत्र के साथ ही म्यांमार, रूस, भूटान आदि देशों में नजर आती है। बता दें कि कोटद्वार क्षेत्र में ब्राडबिल, ब्लैक नेप्ड मोनार्क, बारटेल्ड ट्री कीपर, गूजेंडर, ब्राउन फिश आउल, बार विंग्ड फ्लाई कैचर स्राइक, रेड बिल्ड लियोथ्रेक्स, ब्लैक स्ट्रोक, ग्रे हेडेड केनरी, फ्लाई कैचर जैसी प्रजाति के पक्षी नजर आते हैं। इतना ही नहीं हार्नबिल (धनेश), किंगफिशर (राम चिड़िया), वुडपैकर (कठफोड़वा), बुलबुल आदि पक्षियों की कई प्रजातियों ने इस क्षेत्र को अपने आवास के तौर पर चुना है। यहां के जंगलों में ब्लैक कैप्ड किंगफिशर, लांग टेल्ड ब्राडबिल, ब्राउन डिपर, यलो बिल्ड फिनटेल, ब्लैक नेप्ड मोनार्क, बोनल ईगल सहित पक्षियों की कई प्रजातियां देखी जा सकती हैं। इस क्षेत्र में पक्षियों की 350 से अधिक प्रजातियां वास करती हैं, जिनका सालभर दीदार किया जा सकता है।