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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: बचपन में लकड़ी वाली कहानी आप सबने सुनी होगी। कैसे एक एक लकड़ी सब तोड़ देते हैं मगर एक गठरी कोई तोड़ नहीं पाता।
कांग्रेस भी बस लकड़ी की वही गठरी बनना चाह रही है जिसको कोई तोड़ न पाए। उत्तराखंड के वरिष्ठ नेता हरीश रावत अब कांग्रेस के नेताओं को एकजुट कर आने वाले चुनावों की तैयारी करने में लग गए हैं और इसका अंदेशा इस बात से लगाया जा रहा है कि हाल ही में हरीश रावत पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के घर पहुंचे और उनसे मुलाकात की। इसी के साथ हम यह मान सकते हैं कि कांग्रेस में दिग्गज नेताओं के बीच दूरियां मिटाने का सिलसिला तेज होता दिखाई दे रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत बुधवार को पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह से मिलने उनके यमुना कालोनी स्थित आवास पहुंचे। आगे पढ़िए
पार्टी के दोनों मुख्य नेताओं की मुलाकात के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।दोनों नेताओं ने एकदूसरे के साथ काफी देर तक बातचीत की। बता दें कि प्रदेश में अगले ही वर्ष लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। इसी वर्ष आठ महीने बाद नगर निकाय चुनाव भी होंगे। पार्टी इन चुनावों में और मजबूत बनकर उतरना चाहती है। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कमान संभाली है और उनके विधायक प्रीतम सिंह से मिलने के लिए अचानक उनके आवास पर पहुंचने से पार्टी के भीतर भी राजनीति गर्मा गई है। अब अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर पार्टी राजनीतिक परिस्थितियों के बीच सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास कर रही है।दोनों नेताओं ने एकदूसरे के साथ काफी देर तक बातचीत की और उन्होंने कहा कि वे चुनौतियों का एकजुट होकर सामना करेंगे।