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अल्मोड़ा: उत्तराखंड में मानव वन्यजीव संघर्ष कम नहीं हो रहा है। ताजा मामला रानीखेत से सामने आया है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा पर बफरजोन से सटे रानीखेत सल्ट ब्लाक के झड़गांव में तब हड़कंप मच गया जब एक बाघ ने 38 वर्षीय कमला देवी को अपना शिकार बना डाला। बता दें कि हादसे के वक्त महिला घास लेने गई थी। कमला बीते बुधवार से लापता थी और उसकी तलाश में ग्रामीणों व जौरासी रेंज के वनकर्मियों ने देर रात तक सर्च अभियान चलाया। गुरुवार तड़के सुबह घर से करीब 300 मीटर दूर उसका शव बरामद हो गया। महिला की गर्दन में दांत के डेढ़ इंच गहरे निशान थे और वहीं मौके पर बाघ के बाल भी मिले। बता दें कि तीन माह के भीतर गांव में यह दूसरी घटना है जिससे ग्रामीणों के बीच खूब आक्रोश देखने को मिल रहा है। वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने विधायक महेश जीना के साथ मुरादाबाद-पौड़ी हाईवे (एनएच-121) पर जाम लगा दिया। और तो और गुस्साई भीड़ ने वन क्षेत्राधिकारी रेंजर विक्रम सिंह कैड़ा को पीट दिया। पुलिस ने रेंजर को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर चौकी पहुंचाया।
बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि क्षेत्र में बाघ के हमले हुए हों। कार्बेट टाइगर रिजर्व से सटे सल्ट ब्लाक के मरचूला क्षेत्र में बाघ सालभर में चार महिलाओं की जान ले चुका है। 2022 में एक मार्च को कूपी गांव की गुड्डी देवी को बाघ ने मार डाला था। फिर 16 अप्रैल को झड़गांव की परीदेवी और नौ नवंबर को सांकर गांव की कमला और अब झड़गांव की कमला देवी को भी बाघ ने अपना निवाला बनाया लिया है। झड़गांव निवासी यशवंत सिंह की पत्नी कमला देवी की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।करीब छह घंटे बाद प्रशासन ने शव हाईवे से हटाकर पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी देवायल भिजवाया। वन विभाग के एसडीओ जगमोहन सिंह रावत ने कहा कि क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ट्रैप कैमरे व पिंजड़े भी लगाए जाएंगे। झड़गांव में घटनास्थल के पास पिंजरा लगा दिया गया है।