गढ़वाल के 25 गांवों में लगा नाइट कर्फ्यू, स्कूलों की छुट्टी घोषित..बाघ के खौफ से थर-थर कांपे लोग

धुमाकोट और रिखणीखाल में बाघ के हमले में दो लोगों की जान चली गई। हाल ये हो गया है कि यहां 25 गांवों में नाइट कर्फ्यू लगाना पड़ा है।
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Pauri Garhwal Bagh Night Curfew: tiger fear in pauri garhwal school closed night curfew apply
Image: tiger fear in pauri garhwal school closed night curfew apply

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र में बाघों का आतंक चरम पर है। धुमाकोट और रिखणीखाल में बाघ के हमले में दो लोगों की जान चली गई।

Tiger fear in pauri garhwal

हाल ये हो गया है कि यहां 25 गांवों में नाइट कर्फ्यू लगाना पड़ा है। पूरे इलाके में धारा 144 लगाई गई है। सारे स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। दरअसल गढ़वाल वन प्रभाग एवं कॉर्बेट नेशनल पार्क से सटे गांवों में इन दिनों बाघों का आतंक बना हुआ है। क्षेत्र के 25 गांवों में पिछले कई दिनों से पांच बाघों का एक झुंड दिखाई दे रहा है। नैनीडांडा के रिखणीखाल और धुमाकोट में दो लोगों को गुलदार ने अपना निवाला बनाया है। साथ ही दर्जनों गांव में 20 से अधिक मवेशी भी बाघ का शिकार बन चुके हैं। इससे क्षेत्र में डर का माहौल है। खतरे को देखते हुए 25 गांवों में 11 घंटे का नाइट कर्फ्यू लगाकर धारा 144 लागू कर दी गई है।

बीते दिन डीएम डॉ. आशीष चौहान प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे और वहां रह रहे लोगों से बातचीत की। उन्होंने पीड़ितों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। डीएम ने कहा कि मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है। बाघों को पकड़ने का प्रयास जारी है। फिलहाल स्कूलों को बंद कर दिया गया है। उच्च शिक्षण संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। वन विभाग की टीम को बाघों का पता लगाने को कहा गया है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने तहसील में धारा 144 लगा दी है। पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि पशुपालकों के लिए चारे की उचित व्यवस्था बनाई जाए। ग्रामीणों से निरंतर संपर्क के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। समस्या का उचित समाधान न होने तक क्षेत्र में धारा-144 लागू रहेगी। डीएफओ को फॉरेस्ट गार्ड की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।