बाघ प्रभावित क्षेत्रों में 2 मई तक स्कूल नहीं खुलेंगे। डीएम ने यहां 4 दिन के लिए अवकाश घोषित किया है।
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कोमल नेगी
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Image: Pauri Garhwal school closed due to tiger
पौड़ी गढ़वाल: पौड़ी गढ़वाल के कई क्षेत्रों में बाघ का आतंक चरम पर है। हालात ये हो गए हैं कि कई गांवों में अघोषित कर्फ्यू लगा है।
Pauri Garhwal school closed due to tiger
कई दिनों से स्कूल बंद हैं। बाघ की सक्रियता यहां बढ़ती जा रही है, जिसके बाद स्कूलों के खुलने की डेट आगे खिसका दी गई है। बाघ के आतंक से प्रभावित क्षेत्रों में 2 मई तक स्कूल नहीं खुलेंगे। डीएम ने यहां 4 दिन के लिए अवकाश घोषित किया है। डीएम की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि तहसील रिखणीखाल के ग्राम डल्ला, मेलघार, क्वीराली, तोल्यू गाढियू, जुई, द्वारी काण्डा, कोटडी के क्षेत्रान्तर्गत आने वाले सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 29 अप्रैल से 2 मई तक चार दिनों का अवकाश घोषित किया जाता है। साथ ही आदेश में लिखा है कि उक्त अवधि में उपरोक्त ग्रामों में स्थित समस्त विद्यालयों में कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएंगी। पौड़ी में स्कूलों को बंद करने की नौबत क्यों आई, ये भी बताते हैं।
दरअसल 13 व 15 अप्रैल को बाघ ने रिखणीखाल और धुमाकोट में दो ग्रामीणों को अपना निवाला बना लिया था। तब से वन विभाग की टीम यहां डेरा डाले हुए है। 17 अप्रैल को डीएम भी इलाके में पहुंचे और लोगों से बातचीत की। उस वक्त डीएम डॉ. आशीष चौहान ने बाघ प्रभावित इलाकों में 18 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया था। बाद में इसे बढ़ाकर 21 अप्रैल कर दिया गया। इसके बाद भी बाघों की चहलकदमी कम नहीं हुई तो अवकाश को 26 अप्रैल तक के लिए बढ़ाना पड़ा। अब अवकाश को बढ़ाकर 2 मई तक कर दिया गया है। पौड़ी के डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि प्रभावित इलाकों में बाघ की सक्रियता देखी जा रही है। वन विभाग और प्रशासन की टीम प्रयासों में जुटी हुई है, लेकिन जब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगती, तब तक हमें सावधान रहना होगा। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की।