Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
नैनीताल: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज...यहां एक बाघिन के व्यवहार में आया बदलाव विशेषज्ञों को हैरान किए हुए है।
रेस्क्यू की गई बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया था, लेकिन पांचवे दिन वो अपने तीनों शावकों को खा गई। जानकारों का कहना है कि ऐसे मामले बेहद दुर्लभ होते हैं। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने इस संबंध में डिटेल रिपोर्ट मांगी है। पशु चिकित्सकों का ये भी कहना है कि रेस्क्यू सेंटर या चिड़ियाघर में रहने वाले बाघ-बाघिन तनाव में रहते हैं। इन्हें जंगल जैसा वातावरण नहीं मिलता। ढेला रेस्क्यू सेंटर में रखी गई बाघिन भी तनाव में है और हो सकता है कि इसी वजह से वो अपने शावकों को खा गई। यहां हम जिस बाघिन की बात कर रहे हैं, वो शिकारियों के फंदे में फंसी थी, उसके पेट में तार घुसा हुआ था। 22 मई को बाघिन को कैमरा ट्रैप में देखने के बाद ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू सेंटर में लाया गया था। यहां बाघिन ने तीन शावक को जन्म दिया था।
बताया जा रहा है कि दो शावक कमजोर थे, उनकी मौत होने पर बाघिन उन्हें खा गई। 19 जुलाई को विशेषज्ञ पैनल की जांच में बाघिन और एक शावक को स्वस्थ पाया गया था। दो दिन पहले ही बाघिन अपने तीसरे शावक को दूध भी पिला रही थी। 22 जुलाई को शावक सीसीटीवी में नहीं दिखा तो उसकी खोजबीन शुरू हुई, लेकिन बाड़े में शावक का शव नहीं मिला। माना जा रहा है कि बाघिन ने पहले दो शावकों की तरह इस तीसरे शावक को भी निवाला बना लिया। मुख्य वन्यजीव प्रतिपाक डॉ. समीर सिन्हा ने बताया कि पिछले साल ऐसी ही एक घटना महाराष्ट्र में भी देखी गई थी। यहां बाघिन ने एक माह के शावक को निवाला बना लिया था। बाघिन का स्वभाव काफी आक्रामक है। वनकर्मी उसके व्यवहार पर नजर बनाए हुए हैं। मामले की जांच की जा रही है।