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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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रामनगर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेस्क्यू सेंटर में एक मादा बाघिन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बाघिन की मौत से पार्क प्रशासन में हड़कंप मचा है।
फिलहाल बाघिन की मौत की वजह का पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि बाघिन काफी उम्रदराज थी। मौत का कारण प्रथम दृष्टया उम्र अधिक होना माना जा रहा है। मादा बाघिन को 2021 में रेस्क्यू करके रेस्क्यू सेंटर लाया गया था। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक दिगंत नायक ने बताया कि मादा बाघ की उम्र 10 वर्ष से ज्यादा थी। बाघ के सैंपल भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
पशु चिकित्सकों की देखरेख में बाघ का पोस्टमॉर्टम करने की कार्रवाई भी की जा रही है। जिस बाघिन की मौत हुई है उसे वर्ष 2021-22 में धनगढ़ी क्षेत्र के समीप स्थित गर्जिया क्षेत्र में लगातार राहगीरों और आसपास के आबादी क्षेत्र में मवेशियों पर हमला करने के बाद उच्चाधिकारियों की अनुमति से ट्रेंकुलाइज किया गया था। बाघिन ने मार्ग पर गुजरने वाले बाइक सवारों पर भी हमला किया था। ट्रेंकुलाइज के बाद से ही बाघिन को रेस्क्यू सेंटर में रखा गया था, जहां उसकी मौत हो गई। फिलहाल वन अधिकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे है, उसके बाद ही बाघिन की मौत की वजह सामने आ सकेगी।