बाघ ने प्रेम सिंह को अपने जबड़ों में पकड़कर घने जंगल में लगभग 300 मीटर तक खींच लिया। ग्रामीणों और वनकर्मियों ने शोर मचाकर बाघ को भगाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक प्रेम सिंह की दुखद मृत्यु हो चुकी थी।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Terror of wild animals in Uttarakhand
रामनगर: रामनगर और हरिद्वार के वन क्षेत्रों में वन्यजीवों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को रामनगर के बिजरानी रेंज में एक भयावह घटना हुई, जिसमें कॉर्बेट पार्क में संविदा पर माली के रूप में कार्यरत 37 वर्षीय प्रेम सिंह पर बाघ ने हमला कर दिया, हमला इतना घातक था कि उनकी मृत्यु हो गई।
Two people died and one missing due to wild animal attack
बीते गुरुवार को प्रेम सिंह अपनी पत्नी और नौ वर्षीय पुत्र के साथ लकड़ी लेने के लिए जंगल गए थे। एक बाघ ने उन्हें अपने जबड़ों में पकड़कर घने जंगल में लगभग 300 मीटर तक खींच लिया। ग्रामीणों और वनकर्मियों ने शोर मचाकर बाघ को भगाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक प्रेम सिंह की दुखद मृत्यु हो चुकी थी।
भुवन चंद्र बेलबाल लापता
उसी दिन, रामनगर के क्यारी गांव में एक और गंभीर घटना हुई। 64 वर्षीय भुवन चंद्र बेलबाल जंगल में घास लेने गए थे, लेकिन वे देर रात तक अपने घर नहीं लौटे। ग्रामीणों को आशंका है कि उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटित हुई है। जंगल में बाघ के हमले की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।
हाथी ने कुचलकर ले ली जान
हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र में बुधवार को एक अत्यंत दुखद घटना घटित हुई। जंगल से लौटते समय 55 वर्षीय सोमपाल को हाथी ने कुचलकर उनकी जान ले ली। ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह उनका शव मार्ग पर पड़ा हुआ देखा। इस घटना से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल उत्पन्न हो गया है।
इन निरंतर हमलों के कारण ग्रामीणों में एक भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई है। वन्यजीवों के आक्रमण ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को सावधान रहने और अकेले जंगल में जाने से बचने की सलाह दी है। क्या इन घटनाओं का कारण वन्यजीवों में बढ़ता असंतुलन है या फिर जंगलों में मानव गतिविधियों का बढ़ता हस्तक्षेप? इस प्रश्न का समाधान खोजने की आवश्यकता है।