गढ़वाल: पालतू कुते ने बचाने के लिए लगा दी जान, घात लगाकर बैठे बाघ के हमले में महिला की दर्दनाक मौत

कुत्ते के भौंकने के कारण बाघ ने महिला को करीब 300 मीटर तक घसीटने के बाद झाड़ियों में छोड़ दिया और वहां से भाग गया। लेकिन तब तक महिला बुरी तरह घायल होकर मृत अवस्था में पहुँच गई थी।
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death by tiger attack: Woman dies tragically in tiger attack
Image: Woman dies tragically in tiger attack

पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में बाघों का आतंक आए दिन बढ़ता ही जा रहा है। गावों में बाघ दिन दहाड़े लोगों पर हमला कर रहे हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए दिन बाघ के हमले की खबरे आ रही हैं। अब गढ़वाल में एक 55 वर्षीय गुड्डी देवी को बाघ ने अपना शिकार बनाया है।

Woman dies tragically in tiger attack

बीते शनिवार की दोपहर को पौड़ी जिले के नैनीडांडा क्षेत्र के जामुन गांव के मंडल रेंज में एक महिला अपने खेतों में काम का रही थी। तभी अचानक कहीं से घात लगाए हुए बाघ ने महिला पर हमला कर दिया। महिला पर हमला करने के बाद बाघ उसे 300 मीटर तक घसीटकर जंगल में ले गया।

पालतू कुते ने किया बचाने का प्रयास

इस दौरान खेत में महिला के साथ उनका पालतू कुत्ता भी था, कुत्ते ने बाघ को महिला पर हमला करता देखकर जोर-जोर से भौंकना शुरू किया। जब बाघ महिला को घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया, उस समय भी कुते ने जोर-जोर से भौंकते हुए बाघ का पीछा किया। कुत्ते के भौंकने के कारण बाघ ने महिला को करीब 300 मीटर तक घसीटने के बाद झाड़ियों में छोड़ दिया और वहां से भाग गया। लेकिन तब तक महिला बुरी तरह घायल होकर मृत अवस्था में पहुँच गई थी।

झाड़ियों में मिला शव

शाम को काफी देर होने पर जब गुड्डी देवी खेत से घर नहीं लौटीं, तो उनके पति राज भदुला उन्हें ढूंढने के खेत की ओर गए। उन्होंने झाड़ियों से कुत्ते के भौंकने की आवाज सुनी तो वे उस ओर गए। झाड़ियों में अपनी पत्नी को मृत अवस्था में देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसके बाद उन्होंने गांव के अन्य लोगों को मौके पर बुलाया। ग्रामीणों ने हादसे की सूचना वन विभाग की टीम को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग टीम के साथ कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की टीम भी मौके पर पहुंची और महिला के शव को बरामद किया। मृतका सिर और पीठ पर बाघ के दांत और पंजों के गहरे निशान पाए गए हैं।

गांव में दहशत का माहौल

गांव में इस घटना के बाद दहशत का माहौल बन गया है, बाघ के हमले के कारण लोग अपने बच्चों को बाहर भेजने में हिचकिचा रहे हैं। ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र में 10 वन कर्मियों की तैनाती की गई है और बाघ की गतिविधियों पर निगरानी के लिए जंगल में ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। वन विभाग ने प्रभावित परिवार को तुरंत राहत के रूप में 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। मृतका के परिवार में शौक का माहौल पसरा हुआ है।