उत्तराखंड पहुंचा थाईलैंड का राष्ट्रीय पक्षी, सियामीज फायरबैक को देवभूमि में देख वैज्ञानिक हैरान

सियामीज़ फायरबैक’ पक्षी को बिनसर महादेव मंदिर से लगभग 600 मीटर दूर घने जंगल में देखा. ‘सियामीज़ फायरबैक’पक्षी थाईलैंड देश का राष्ट्रीय पक्षी है.....
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National Bird of Thailand: Thailand national bird reached Uttarakhand
Image: Thailand national bird reached Uttarakhand

अल्मोड़ा: देव भूमि उत्तराखंड के रानीखेत के वन क्षेत्र में थाईलैंड के राष्ट्रीय पक्षी ‘सियामीज़ फायरबैक’ को देखकर सभी हैरान हैं। हाल ही में यह पक्षी बिनसर महादेव मंदिर से लगभग 600 मीटर दूर घने जंगल में देखा गया है। प्रदेश के प्रकृति और पक्षी प्रेमी इस दुर्लभ दृश्य को देखकर काफी उत्साहित हैं।

Thailand's national bird reached Uttarakhand

कुमाऊं मंडल विकास निगम से जुड़े पक्षी प्रेमी सुरेंद्र सिंह जलाल ने हाल ही में ‘सियामीज़ फायरबैक’ पक्षी को बिनसर महादेव मंदिर से लगभग 600 मीटर दूर घने जंगल में देखा. ‘सियामीज़ फायरबैक’पक्षी थाईलैंड देश का राष्ट्रीय पक्षी है. सुरेंद्र सिंह जलाल ने बताया कि वो इस दुर्लभ पक्षी को उसके प्राकृतिक आवास में देखकर काफी "रोमांचित" हैं।

  • उत्तराखंड की जैव विविधता का प्रमाण

    Thailand national bird Uttarakhand
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    Image: Thailand national bird Uttarakhand

    उन्होंने बताया कि "जब मैंने पहली बार जंगल में इस पक्षी को देखा, तो मुझे अपनी आँखों पर विश्वास नहीं हुआ। इस पक्षी की तस्वीर लेना एक अद्भुत और यादगार अनुभव था। इस दुर्लभ पक्षी का उत्तराखंड के जंगलों में दिखाई देना हमारे पहाड़ों की जैव विविधता के लिए एक खुशी का अवसर है।

  • सतर्क और शर्मीले स्वभाव के लिए प्रसिद्ध

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    Image: Thailand national bird reached Uttarakhand

    उन्होंने कहा कि प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र में इस विदेशी पक्षी का अवलोकन होना इस बात का संकेत है कि इस क्षेत्र की जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन मजबूत है, जो स्थानीय वन्यजीवों और प्राकृतिक आवासों की गुणवत्ता को उजागर करता है। यह पक्षी नम जंगलों और शांत पर्वतीय क्षेत्रों में निवास करता है। इस पक्षी का मुख्य आहार फल, बीज, कीट, पत्तियां और जड़ें होती हैं। इसका प्रजनन करने का समय सामान्यतः मार्च से जून महीने तक होता है। मादा ज़मीन के निकट घोंसला बनाती है, और एक बार में 4-6 अंडे देती है। यह पक्षी अपने सतर्क और शर्मीले स्वभाव के लिए प्रसिद्ध है, जो अपना अधिकांश समय जंगल में भोजन की खोज में व्यतीत करता है।

  • सूरज की रौशनी में चमकते हैं पंख

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    Image: Thailand national bird reached Uttarakhand

    वन विभाग के अनुसार, सियामीज़ फायर बैक आमतौर पर थाईलैंड, लाओस, कंबोडिया और वियतनाम के नम, सदाबहार जंगलों में पाया जाता है। इनमें नर पक्षी की लंबाई 75-80 सेमी और मादा की लंबाई 55-60 सेमी होती है, इनका वजन 1.2 से 1.5 किलोग्राम तक होता है। इसका भूरा शरीर, चमकीले नीले-नारंगी पंख, लाल चोंच और सुंदर चाल इसे अत्यंत आकर्षक बनाते हैं। इनमें मादा पक्षी का रंग भूरा होता है, उसकी चोंच लाल रंग की और टाँगे गहरी लाल रंग की होती हैं। सूरज की रोशनी में इसके पंखों की धात्विक चमक किसी चित्रकला के समान लगती है।

  • मानव का हस्तक्षेप गंभीर खतरा

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    Image: Thailand national bird Uttarakhand

    संरक्षण संगठनों द्वारा इसे वर्तमान में 'सबसे कम चिंता' के रूप में वर्गीकृत किया गया है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि वनों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और मानव हस्तक्षेप इसके प्राकृतिक आवास के लिए गंभीर खतरे उत्पन्न कर सकते हैं।