उत्तराखंड: पोस्टमार्टम हुआ तो हैरान रह गया वन विभाग, बाघ शावक के पेट से मिला शर्ट का कॉलर

अपर प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) विवेक पांडे ने कहा, “यह घटना बेहद दुर्लभ है और पहली बार सामने आई है। यह संकेत देती है कि जंगलों तक पहुंच रहा मानव का कूड़ा अब वन्यजीवों के लिए भी खतरा बनता जा रहा है।”
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
tiger cubs tiger cubs: Shirt collar found in tiger cubs stomach during tiger cubs
Image: Shirt collar found in tiger cubs stomach during tiger cubs

देहरादून: उत्तराखंड में वन्यजीवों से जुड़े मामलों में अक्सर बाघ या अन्य मांसाहारी जीवों के पोस्टमार्टम में शिकार किए गए जानवरों के अवशेष पाए जाते हैं। लेकिन इस बार एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है जिसने वन्यजीव विशेषज्ञों और वन विभाग दोनों को चौंका दिया है। राज्य बनने के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी बाघ के शावक के पोस्टमार्टम में शर्ट का कॉलर मिला हो।

Shirt collar found in tiger cubs stomach during post-mortem

जानकारी के अनुसार नरेंद्र नगर वन प्रभाग की शिवपुरी रेंज के ब्रह्मपुरी–गरूढ़ चट्टी पुल के पास एक मादा बाघ शावक का शव मिला था। शावक की लंबाई 205 सेंटीमीटर और पूंछ की लंबाई 75 सेंटीमीटर मापी गई थी। कुछ दिन पुराने इस शव का जब पोस्टमार्टम किया गया, तो पशु चिकित्सकों की टीम हैरान रह गई। जांच में पाया गया कि शावक के पेट में किसी भी प्रकार का भोजन नहीं था, उसका पेट पूरी तरह खाली था। लेकिन हैरानी की बात यह थी कि पोस्टमार्टम में शावक के पेट के अंदर से शर्ट का कॉलर निकला। डॉक्टरों के अनुसार, इस मादा शावक की मौत भूख के कारण हुई होगी। शावक को लंबे समय से भोजन नहीं मिला और संभवत: भ्रमवश उसने कपड़े के इस टुकड़े को निगल लिया।

मानव का कूड़ा वन्यजीवों के लिए भी खतरा

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, बाघों के पोस्टमार्टम में आमतौर पर हिरण, जंगली सुअर या अन्य शिकार प्रजातियों के अंग मिलते हैं। लेकिन किसी मानव निर्मित वस्तु का इस तरह पेट में पाया जाना अपने आप में पहला और चौंकाने वाला मामला है। वन अधिकारियों का मानना है कि भूखा शावक जंगल में भटकते हुए कूड़े के बीच पहुंचे शर्ट के टुकड़े को किसी खाद्य पदार्थ की तरह समझकर खा गया होगा। अपर प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) विवेक पांडे ने कहा, “यह घटना बेहद दुर्लभ है और पहली बार सामने आई है। यह संकेत देती है कि जंगलों तक पहुंच रहा मानव का कूड़ा अब वन्यजीवों के लिए भी खतरा बनता जा रहा है।”